अंबेडकरनगर। पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने और विभागीय योजनाओं का लाभ पशुपालकों तक पहुंचाने के लिए जिले में प्रशिक्षण अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत 17 से 30 नवंबर तक सभी विकासखंडों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रत्येक ब्लॉक में 200 पशुपालकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें पशुओं की सेहत, संतुलित आहार, टीकाकरण, नस्ल सुधार और पशुपालन से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
विकास भवन में अधिकारियों और पैरावेट्स ने सीखी योजनाओं की बारीकियां
पशुपालन विभाग की प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना के तहत गुरुवार को विकास भवन सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में जिले के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी और पैरावेट्स शामिल हुए। प्रशिक्षण में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आधुनिक पशुपालन तकनीकों पर चर्चा हुई।
दुग्ध उत्पादन से लेकर बकरी और सूकर पालन तक की जानकारी
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने नन्द बाबा दुग्ध मिशन की नन्दिनी और मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना तथा नेशनल लाइव स्टॉक मिशन की योजनाओं की जानकारी दी। इसमें बकरी पालन, सूकर पालन और पशुधन बीमा भी शामिल रहे। उत्तर प्रदेश कुक्कुट विकास नीति-2022 के तहत लेयर मुर्गी पालन और अंडा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं और विभागीय प्रावधानों पर भी जानकारी दी गई।









