अंबेडकरनगर। संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों के तहत तहसील आलापुर सभागार में गुरुवार को सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स और आपदा मित्रों का संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी आलापुर ने की। प्रशिक्षण में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय त्वरित कार्रवाई, बेहतर समन्वय और संवेदनशीलता के साथ काम करना जरूरी है। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं, जिससे प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
बाढ़ से पहले और दौरान की तैयारियों की दी जानकारी
कार्यक्रम में स्वयंसेवकों को बाढ़ पूर्व तैयारी, आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और राहत-बचाव कार्यों की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में बिना आवश्यकता प्रवेश न करें। बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें और केवल प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
प्रशिक्षण में वृद्ध, महिलाएं, बच्चे और दिव्यांग लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
बचाव उपकरणों का कराया गया अभ्यास
प्रशिक्षण के दौरान लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, रस्सी, स्ट्रेचर, टॉर्च और प्राथमिक उपचार किट सहित अन्य बचाव उपकरणों की जानकारी दी गई। स्वयंसेवकों को इन उपकरणों के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
उन्हें बताया गया कि आपदा के समय उनका व्यवहार धैर्यपूर्ण और जिम्मेदार होना चाहिए। प्रभावित लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करते हुए प्रशासन और आमजन के बीच समन्वय बनाना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।









