नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मुजफ्फरपुर के साहिबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषसिद्धि के बाद उन्हें हिरासत में लेने का आदेश भी जारी किया है।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 (भाग-2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत राजू कुमार सिंह को दोषी ठहराया। हालांकि मामले में सह-आरोपी उनकी पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है।
यह मामला 31 दिसंबर 2018 को दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में आयोजित न्यू ईयर पार्टी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग से जुड़ा है। जश्न के दौरान चली गोली डॉ. अर्चना गुप्ता के सिर में लग गई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
घटना के बाद फतेहपुर बेरी थाने में मामला दर्ज किया गया था। घायल डॉ. अर्चना गुप्ता का अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन 3 जनवरी 2019 को उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद मामले की जांच और सुनवाई जारी रही।
राजू कुमार सिंह बिहार की राजनीति का चर्चित चेहरा हैं और चार बार अलग-अलग राजनीतिक दलों के टिकट पर विधायक चुने जा चुके हैं। उनका परिवार दवा कारोबार से जुड़ा हुआ है। उनकी पत्नी रेनू सिंह पूर्वी चंपारण से विधान परिषद सदस्य (MLC) भी रह चुकी हैं।
गौरतलब है कि फरवरी 2025 में राजू कुमार सिंह बिहार सरकार में मंत्री पद पर भी रह चुके हैं। अब कोर्ट के फैसले के बाद उनकी राजनीतिक और कानूनी स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हैं।









