
- कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 53.50 रुपये तक महंगा
- 5 किलो छोटू सिलेंडर के दाम में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी
नई दिल्ली। जून महीने की शुरुआत के साथ आम लोगों और कारोबारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं। तेल विपणन कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 53.50 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। वहीं केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और हवाई जहाज के ईंधन (एटीएफ) पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी में संशोधन किया है।
1 जून से कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि कर दी गई है। राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 42 रुपये बढ़कर 3113.50 रुपये हो गई है। कोलकाता में 53.50 रुपये, मुंबई में 43.50 रुपये और चेन्नई में 46 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बड़े शहरों में नई कीमतें
- दिल्ली : 3113.50 रुपये
- कोलकाता : 3255.50 रुपये
- मुंबई : 3067.50 रुपये
- चेन्नई : 3283.00 रुपये
कारोबारियों पर पड़ेगा असर
कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबारियों की लागत बढ़ेगी। इसका असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। शादी समारोहों और बड़े आयोजनों की कैटरिंग सेवाएं भी महंगी हो सकती हैं।
छोटू सिलेंडर भी हुआ महंगा
5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडर की कीमत में 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब यह सिलेंडर 821.50 रुपये में मिलेगा। पहले इसकी कीमत 810.50 रुपये थी। इस सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से प्रवासी मजदूर, छात्र और छोटे दुकानदार करते हैं।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है।
एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और हवाई जहाज के ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में संशोधन किया है। नई दरें 1 जून से प्रभावी हो गई हैं।
नई ड्यूटी दरें
- पेट्रोल : 1.5 रुपये प्रति लीटर
- डीजल : 13.5 रुपये प्रति लीटर
- एटीएफ : 9.5 रुपये प्रति लीटर
क्या होगा असर
एक्सपोर्ट ड्यूटी घटने से रिफाइनरी कंपनियों को निर्यात पर अधिक लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर इसका तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा।









