चक्रवात ‘अर्नब’ का खतरा: आंध्र तट पर 125 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी

चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा यह तूफान 27 अक्टूबर तक भीषण चक्रवात में बदल सकता है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक चलने का अनुमान है।

संभावित खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के संवेदनशील इलाकों से करीब छह लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। तटीय जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

आंध्र प्रदेश में छह लाख लोगों को सुरक्षित करने की तैयारी

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत आज शाम से करीब छह लाख लोगों को स्थानांतरित करने की तैयारी है।

मौसम विभाग ने राज्य के कई तटीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं और समुद्र में खराब मौसम की आशंका के मद्देनजर मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन का ध्यान तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और समय रहते राहत व्यवस्था तैयार करने पर है।

ओडिशा में 60 ओड्राफ टीमें होंगी तैनात

आंध्र प्रदेश से सटे ओडिशा में भी चक्रवात का असर पड़ने की आशंका है। राहत और बचाव कार्यों के लिए राज्य में ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ओड्राफ) की 60 टीमें तैनात की जाएंगी।

एहतियात के तौर पर छह जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है। संभावित भारी बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए राहत एवं बचाव तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

तमिलनाडु में तीन दिन से बारिश, कई इलाकों में जलभराव

तमिलनाडु में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। अरनी के भास्कर नगर इलाके में पानी भरने से लोग अपने घरों में फंस गए हैं। वहीं, कोडाइकनाल में सुरक्षा कारणों से पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

तिरुवारूर जिले में भी तेज बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, बारिश के बावजूद वहां स्कूल और कॉलेज खुले रहे। लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

अगले दो दिन मौसम पर रहेगी नजर

चक्रवात के संभावित रूप से भीषण होने और 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका के बीच तीनों राज्यों में एहतियाती तैयारियां की जा रही हैं। आंध्र प्रदेश में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, ओडिशा में बचाव दलों की तैनाती और तमिलनाडु में बारिश प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। तूफान की दिशा, गति और बारिश की स्थिति के अनुसार आगे के सुरक्षा कदम तय किए जाएंगे।

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