अंबेडकरनगर में डीजल-पेट्रोल संकट, पंपों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें 

अंबेडकरनगर जिले में डीजल और पेट्रोल की खपत में अचानक तेज वृद्धि ने तेल संकट खड़ा कर दिया है। पिछले दो दिनों में तेल की मांग लगभग पांच गुना बढ़ गई है। खासकर डीजल की खपत पेट्रोल से अधिक रही। कृषि वाहन, व्यवसायिक वाहन और भारी वाहन संचालक तेल का जमाव और भंडारण करने लगे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, यह अचानक मांग पेट्रोल और डीजल दोनों के स्टॉक को प्रभावित कर रही है। इससे शहर और ग्रामीण इलाकों के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग गई हैं।

पंपों पर नो-फ्यूल की सूचना, हड़कंप मचा

शुक्रवार को दर्जनों पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म होने की सूचना चस्पा कर दी गई। टांडा, जलालपुर, आलापुर, महरुआ, मालीपुर और बेलापरसा के पंपों पर उपभोक्ताओं ने सुबह से ही इंतजार करना शुरू कर दिया। दोपहर तक कई पंपों पर तेल पूरी तरह से खत्म हो गया।

पूर्ति विभाग का दावा है कि अगले दो-तीन दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। बावजूद इसके, ग्रामीण और शहर के लोग तेल पाने के लिए संघर्ष करते नजर आए।

पुलिस और राजस्व विभाग ने संभाली मोर्चा

भीड़ बढ़ने और अफरातफरी को देखते हुए पुलिसकर्मी और राजस्व अधिकारी पेट्रोल पंपों पर पहुंचे और तेल वितरण में मदद की। इस दौरान कई लोग टंकी और बड़े डिब्बे लेकर पहुंचे, ताकि वे पेट्रोल और डीजल इकट्ठा कर सकें। कुछ उपभोक्ता इसे भविष्य में महंगे दामों पर बेचने की सोच के साथ ले जा रहे थे।

कई पंपों ने दोपहिया वाहनों के लिए 200 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 500 रुपये की लिमिट तय की। इसके बावजूद भी कतारों में लोग खड़े रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button