
अंबेडकरनगर में डॉ. बी.आर. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी इशा प्रिया ने की। बैठक में जनपद में स्थापित महापुरुषों की मूर्तियों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और मूलभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े प्रस्ताव नियमानुसार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थित मूर्तियों का रखरखाव व्यवस्थित तरीके से किया जाए, ताकि उनकी गरिमा और संरचना सुरक्षित रह सके।
योजना का उद्देश्य और संरचना पर चर्चा
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने योजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य समाज सुधारकों, महापुरुषों और सांस्कृतिक विभूतियों की मूर्तियों की सुरक्षा, सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर स्थापित मूर्तियों के आसपास बुनियादी सुविधाओं की कमी रहती है, जिसे इस योजना के तहत सुधारा जाएगा।
मूर्ति स्थलों पर होंगे विकास कार्य
योजना के तहत मूर्ति स्थलों पर कई प्रकार के विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें सुरक्षात्मक छत्र का निर्माण, बाउंड्रीवाल या रेलिंग, हरियाली विकास, प्रकाश व्यवस्था और बैठने की सुविधा शामिल है। साथ ही पाथवे और सूचना पट्ट भी लगाए जाएंगे, जिससे आगंतुकों को जानकारी मिल सके।
अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक स्थल पर संबंधित महापुरुष के जीवन और योगदान की संक्षिप्त जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि लोगों को प्रेरणादायक जानकारी मिल सके।
जर्जर मूर्तियों के स्थान पर नई मूर्तियां
बैठक में यह भी बताया गया कि जहां पुरानी मूर्तियां क्षतिग्रस्त या जर्जर अवस्था में हैं, वहां आवश्यकता अनुसार नई संगमरमर की मूर्तियां स्थापित की जा सकेंगी। इसका उद्देश्य स्थलों को सुरक्षित और आकर्षक बनाना है।
साथ ही मूर्ति स्थलों पर स्वच्छता और व्यवस्थित स्वरूप बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि हरित क्षेत्र विकसित कर इन स्थलों को अधिक जनोपयोगी बनाया जाएगा।









