
शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य
कार्यक्रम के दौरान संस्था के अध्यक्ष धीरेंद्र पांडेय ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई से जोड़ना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि बच्चों को किताबें, कॉपियां और जरूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी शुरुआती जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया गया है।उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही सामाजिक बदलाव संभव है और ऐसे बच्चों को नियमित सहयोग देने की योजना पर काम चल रहा है।
कई सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय संस्था
धीरेंद्र पांडेय ने बताया कि संस्था विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है। इसमें जरूरतमंद बच्चों के लिए ‘परम पाठशाला’ का संचालन, तमसा नदी सफाई अभियान, वृद्धजनों की सहायता और गर्मी के मौसम में पशु-पक्षियों के लिए जलकुंड की व्यवस्था शामिल है।उन्होंने कहा कि ईंट भट्ठा श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है, ताकि कोई बच्चा संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई से वंचित न रहे।
स्थानीय लोगों की मौजूदगी
कार्यक्रम में बच्चों के अभिभावक, भट्ठा मजदूर और स्थानीय लोग मौजूद रहे। संस्था के सदस्यों ने वितरण व्यवस्था संभाली और बच्चों को सामग्री प्रदान की।इस अवसर पर तालिब, अमन, नीरज, अभिमन्यु, आदित्य और दिलशाद सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे।









