
- आंसरशीट बदलने और कम अंक देने के आरोपों के बीच बढ़ी जांच
- शिक्षा मंत्रालय ने COEMPT को दिए गए टेंडर पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट
- रीवैल्युएशन पोर्टल तकनीकी बाधाओं के बाद फिर से हुआ शुरू
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परीक्षा आंसरशीट से जुड़े विवाद पर शिक्षा मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं बदले जाने और अपेक्षा से कम अंक दिए जाने के आरोपों के बीच मंत्रालय ने COEMPT एडुटेक को दिए गए टेंडर की प्रक्रिया पर बोर्ड से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। आरोप है कि बोर्ड परीक्षा से पहले जिस कंपनी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, उसकी चयन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे हैं।
CBSE ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, CBSE अधिकारियों ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि टेंडर सामान्य वित्तीय नियमों (GFR) और सरकारी खरीद प्रक्रिया के तहत ही दिया गया था। बोर्ड का कहना है कि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया।
उल्लेखनीय है कि CBSE ने 5 दिसंबर को COEMPT एडुटेक को यह ठेका दिया था। इसके बाद 17 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुई थीं। यानी परीक्षा शुरू होने से लगभग 74 दिन पहले कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
राहुल गांधी ने भी उठाए सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस मुद्दे को लेकर लगातार केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में आरोप लगाया था कि OSM से जुड़े टेंडर में किसी विशेष वेंडर को लाभ पहुंचाने के लिए प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।
हालांकि, बोर्ड और संबंधित अधिकारियों ने इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए खारिज किया है।
रीवैल्युएशन पोर्टल हुआ फिर से लाइव
इस बीच CBSE का रीवैल्युएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल सोमवार को पूरे दिन तकनीकी कारणों से प्रभावित रहा, जिससे लाखों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बोर्ड की ओर से लगातार कहा जाता रहा कि पोर्टल जल्द चालू कर दिया जाएगा।
बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पोर्टल पर लगातार अनधिकृत हस्तक्षेप (Unauthorized Interference) और संभावित हैकिंग की कोशिशें की जा रही थीं, जिसके कारण तकनीकी दिक्कतें सामने आईं।
मंगलवार को CBSE ने घोषणा की कि 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए वेरिफिकेशन और रीवैल्युएशन पोर्टल अब सफलतापूर्वक लाइव कर दिया गया है और छात्र निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
प्रमुख बिंदु
- शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से टेंडर प्रक्रिया पर रिपोर्ट मांगी।
- COEMPT एडुटेक को दिए गए ठेके को लेकर सवाल उठे।
- CBSE ने सभी आरोपों को खारिज किया।
- राहुल गांधी ने भी टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- तकनीकी दिक्कतों के बाद रीवैल्युएशन पोर्टल फिर शुरू हुआ।









