
- B-1 कोच में सवार थे 68 यात्री
- आग में यात्रियों का सामान जलकर खाक
- मुआवजे और FIR की मांग पर यात्रियों का हंगामा
Indian Railways की त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) के दो कोचों में रविवार सुबह आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसा कोटा मंडल में लूणी रीछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के बीच हुआ। समय रहते यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
B-1 कोच और गार्ड वैन में लगी आग
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक आग सुबह करीब 5:15 बजे ट्रेन के B-1 कोच और उसके पीछे लगे सेकेंड लगेज कम गार्ड वैन में लगी। घटना की सूचना मिलते ही कोटा जंक्शन पर हूटर बजने लगे और राहत एवं बचाव टीम को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया।
सीनियर डिवीजनल कॉमर्शियल मैनेजर सौरभ जैन ने बताया कि B-1 कोच में कुल 68 यात्री सवार थे।
गार्ड ने दी थी सबसे पहले सूचना
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आग लगने की जानकारी सबसे पहले ट्रेन के गार्ड ने लोको पायलट को दी। इसके बाद ट्रेन को तत्काल रोका गया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। करीब 15 मिनट के भीतर पूरे कोच को खाली करा लिया गया।
बताया जा रहा है कि कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे कोच को अपनी चपेट में ले लिया था। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी यात्री की जान नहीं गई।
यात्रियों का सामान जला
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आग में कई यात्रियों का सामान जलकर खाक हो गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और तकनीकी टीम मामले की पड़ताल में जुटी है।
कोटा पहुंचने पर यात्रियों का हंगामा
दोपहर करीब 1:15 बजे ट्रेन Kota Junction railway station पहुंची। यहां B-1 कोच के यात्रियों ने रेलवे की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई और सामान के नुकसान पर आर्थिक सहायता की मांग की।
रेलवे की ओर से यात्रियों को 5-5 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई, लेकिन कुछ यात्रियों ने इसे लेने से इनकार कर दिया। कई यात्री एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे।
यात्रियों के साथ GRP थाने पहुंचे DRM
स्थिति को देखते हुए डीआरएम खुद यात्रियों के साथ जीआरपी थाने पहुंचे, जहां एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। ट्रेन करीब एक घंटा 15 मिनट की देरी के बाद दोपहर 2:30 बजे कोटा से रवाना हुई। कुछ यात्री ट्रेन में सवार नहीं हुए।









