- 18 सितंबर को दोनों कीमती धातुओं के भाव बढ़े
- सोना ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंचा
- चांदी ₹2.36 लाख प्रति किलो हुई
- दिसंबर तक सोना ₹1.70 लाख तक पहुंचने का अनुमान
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 18 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। एक किलो चांदी का भाव 6,474 रुपए बढ़कर 2.36 लाख रुपए पर पहुंच गया। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,809 रुपए बढ़कर 1.54 लाख रुपए हो गई। इससे एक दिन पहले सोना 1.52 लाख रुपए और चांदी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो के भाव पर थी।
दिसंबर तक सोना ₹1.70 लाख तक पहुंचने का अनुमान
कोटक सिक्युरिटीज के सीनियर वीपी और कमोडिटी रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक सोने को आम निवेशकों के साथ-साथ दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों से भी समर्थन मिल रहा है। उनके अनुसार केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीदारी कर रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए दिसंबर तक सोने की कीमत 1.70 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। वहीं चांदी का भाव 3 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकता है।
2026 में सोना अब तक ₹21 हजार महंगा
साल 2026 में सोने की कीमत में करीब 21 हजार रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव 1.33 लाख रुपए था, जो अब बढ़कर 1.54 लाख रुपए हो गया है। वहीं चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए प्रति किलो थी और अब 2.36 लाख रुपए पर पहुंच गई है।
जनवरी में दोनों ने बनाया था ऑलटाइम हाई
इस साल सोने और चांदी में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 29 जनवरी को सोने का भाव 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया था। इसके बाद दोनों धातुओं के भाव में गिरावट भी आई, लेकिन सितंबर में फिर तेजी देखने को मिल रही है।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहक को सोने की शुद्धता, कीमत और मेकिंग चार्ज की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है।
यह भी पढ़े : https://www.tamsasanket.com/mohan-bhagwat-dharma-yuva-dharma-sansad/
इसके अलावा खरीदारी के दिन सोने की कीमत और वजन को अलग-अलग स्रोतों से क्रॉस चेक करना चाहिए। 24, 22 और 18 कैरेट सोने के भाव अलग होते हैं। ज्वेलरी पर लगने वाले मेकिंग चार्ज को भी जरूर पूछें। यह शुल्क तय नहीं होता और कई मामलों में ज्वेलर से इस पर बातचीत की जा सकती है। ग्राहक लेबर या मेकिंग चार्ज का पूरा ब्रेकअप भी मांग सकता है।









