
- मई में GST कलेक्शन 1.94 लाख करोड़ रुपये रहा
- आयातित वस्तुओं से टैक्स संग्रह में 19.1% की वृद्धि
- घरेलू लेनदेन से प्राप्त राजस्व में गिरावट
- अप्रैल-मई में कुल GST संग्रह 4.37 लाख करोड़ रुपये पहुंचा
नई दिल्ली। मई 2026 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह 1.94 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यह अप्रैल 2026 के रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत कम रहा, लेकिन मई 2025 के 1.88 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 3.2 प्रतिशत अधिक है। केंद्र सरकार ने रविवार को जीएसटी संग्रह के आधिकारिक आंकड़े जारी किए।
आयात से बढ़ा राजस्व
मई महीने में जीएसटी संग्रह की वृद्धि में आयातित वस्तुओं का बड़ा योगदान रहा। आयातित सामान से प्राप्त ग्रॉस GST राजस्व 19.1 प्रतिशत बढ़कर 59,654 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं घरेलू लेनदेन से होने वाला ग्रॉस राजस्व 2.6 प्रतिशत घटकर 1.35 लाख करोड़ रुपये रहा।
प्रमुख आंकड़े
- नेट इंपोर्ट GST कलेक्शन: 49,403 करोड़ रुपये
- वृद्धि दर: 19.7 प्रतिशत
- नेट घरेलू राजस्व: 1.18 लाख करोड़ रुपये
- गिरावट: 2.3 प्रतिशत
वित्त वर्ष की शुरुआत रही सकारात्मक
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों अप्रैल और मई में कुल ग्रॉस GST कलेक्शन 6.2 प्रतिशत बढ़कर 4.37 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं नेट GST राजस्व 5.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
राज्यों में मिला-जुला प्रदर्शन
GST संग्रह के मामले में राज्यों का प्रदर्शन अलग-अलग रहा। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में 11-11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश में 9 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही। केरल में सबसे अधिक 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जबकि गुजरात में 3 प्रतिशत की बढ़त रही।
अर्थव्यवस्था का संकेतक है GST
विशेषज्ञों के अनुसार GST कलेक्शन देश की आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। अधिक टैक्स संग्रह से उपभोग, उत्पादन और व्यापारिक गतिविधियों में मजबूती का संकेत मिलता है। साथ ही यह कर अनुपालन की स्थिति को भी दर्शाता है।
GST से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- ग्रॉस GST कलेक्शन: कुल एकत्रित टैक्स राशि
- नेट GST कलेक्शन: रिफंड देने के बाद बची राशि
- GST रिफंड: अतिरिक्त कर भुगतान या निर्यात की स्थिति में लौटाई जाने वाली रकम









