अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों की मुश्किल बढ़ सकती है। अमेरिकी सरकार नौकरी जाने के बाद नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली 60 दिन की मोहलत खत्म करने पर विचार कर रही है।
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो H-1B वीजा धारकों के लिए नौकरी जाने के बाद अमेरिका में रुकना मुश्किल हो सकता है। फिलहाल प्रस्ताव व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (OMB) को भेजा गया है। अभी इसे अंतिम नियम नहीं बनाया गया है।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे करीब 5 लाख भारतीय इस संभावित बदलाव से प्रभावित हो सकते हैं।
जयशंकर ने भी अमेरिका के सामने उठाया था मुद्दा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसी साल मई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने यह मुद्दा उठाया था। रूबियो ने माना था कि नए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव के दौरान कुछ परेशानियां और तनाव पैदा हो सकते हैं।
हालांकि, रूबियो ने कहा था कि अमेरिका अपने इमिग्रेशन सिस्टम को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहा है और लंबे समय में इससे सभी पक्षों को फायदा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि यह कदम खासतौर पर भारत को निशाना बनाकर नहीं उठाया गया है।
रूबियो के मुताबिक, अमेरिका पिछले कुछ वर्षों से बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों की समस्या से जूझ रहा है। उनके अनुसार, 2 करोड़ से ज्यादा लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए हैं और इसी चुनौती से निपटने के लिए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव किए जा रहे हैं।









