अम्बेडकरनगर। दहेज हत्या के एक पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 7 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शादी के बाद शुरू हुआ था विवाद
मामला टांडा क्षेत्र के मुहल्ला हयातगंज का है। यहां के धर्मेंद्र सैनी की शादी अकबरपुर क्षेत्र के शहजादपुर निवासी कविता से हुई थी। शादी के बाद शुरुआती समय में सब सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना शुरू होने का आरोप लगाया गया।
परिजनों के अनुसार विवाह के बाद एक वर्ष के भीतर गौना भी हुआ था। इसके बाद भी अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर महिला को प्रताड़ित किया जाता रहा।
50 हजार रुपये देने के बाद भी नहीं रुकी मांग
मृतका के पिता ने आरोप लगाया था कि उन्होंने मांग पूरी करने के लिए 50 हजार रुपये भी दिए, लेकिन इसके बाद भी ससुराल पक्ष की ओर से और पैसों की मांग जारी रही। लगातार दबाव और प्रताड़ना का आरोप लगाया गया था।
8 मार्च 2017 को घर में मिली थी लाश
8 मार्च 2017 को विवाहिता के भाई के मोबाइल पर सूचना दी गई कि उसकी तबीयत गंभीर है। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो विवाहिता का शव बेड पर पड़ा मिला। शरीर पर मुंह और नाक से खून के निशान बताए गए।
इसके बाद पिता की तहरीर पर पति धर्मेंद्र सैनी समेत जेठ निरंकार, महेंद्र और जेठानी नीलम सहित अन्य के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।









