भारत-ईरान ट्रेड डील पर अमेरिका की नजर

मार्को रूबियो बोले- प्रतिबंधों से बचाने पर होगी कार्रवाई

  • मार्को रूबियो ने भारत-ईरान ट्रेड डील की जानकारी से इनकार किया
  • मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान की SCO समिट में मुलाकात हुई थी
  • दोनों नेताओं ने व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की

नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत और ईरान के बीच संभावित ट्रेड डील को लेकर कहा है कि उन्हें ऐसी किसी डील की जानकारी नहीं है। रूबियो से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान की मुलाकात को लेकर सवाल किया गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दोनों देशों के बीच कोई ट्रेड डील हुई है।

रूबियो ने इस दौरान ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करता है तो अमेरिका उस देश पर भी प्रतिबंध लगा सकता है।

SCO समिट में हुई थी मोदी-पजशकियान की मुलाकात

अमेरिकी विदेश मंत्री का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान की SCO समिट के दौरान हुई मुलाकात के बाद आया है। दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों, व्यापार और पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर बातचीत हुई थी।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और ईरान के पुराने संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई थी। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

BRICS और SCO में सहयोग जारी रखने की बात

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत BRICS और SCO जैसे बहुपक्षीय मंचों पर ईरान के साथ सहयोग जारी रखेगा। भारत की ओर से ईरान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान को 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया।

अमेरिका ने प्रतिबंधों को लेकर दी चेतावनी

मार्को रूबियो के बयान से साफ है कि अमेरिका ईरान के साथ दूसरे देशों के बढ़ते आर्थिक और व्यापारिक संपर्कों पर नजर बनाए हुए है। अमेरिका पहले से ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लागू करता रहा है।

रूबियो ने संकेत दिया कि अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में ईरान की मदद करने वाले देशों या संस्थाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में भारत-ईरान व्यापारिक संबंधों को लेकर अमेरिकी रुख पर भी नजर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button