जलालपुर, अम्बेडकरनगर। तहसील क्षेत्र के कजपुरा गांव में मंगलवार को जुलूसे इस्तेकबाले अजा का आयोजन किया गया। जुलूस ‘लब्बैक या हुसैन’ के नारों के साथ निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में मोमनीन शामिल हुए। पूरा क्षेत्र धार्मिक नारों और नौहाख्वानी से गूंज उठा।
जुलूस से पहले आयोजित मजलिस को मौलाना सैयद कासिम मेंहदी ने संबोधित किया। उन्होंने कर्बला के शहीद हजरत इमाम हुसैन के जीवन और उनके बलिदान पर प्रकाश डाला।
कर्बला के संदेश पर दिया गया जोर
मौलाना ने कहा कि इमाम हुसैन ने अन्याय और तानाशाही के सामने झुकने के बजाय सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान किया। उन्होंने बताया कि कर्बला की घटना इंसानियत, हक और सच्चाई के रास्ते पर चलने का संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन का जीवन आज भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और सत्य के मार्ग पर डटे रहने की प्रेरणा देता है।
नौहाख्वानी से माहौल हुआ भावुक
जुलूस के दौरान अंजुमन नूरे इस्लाम नगपुर जलालपुर, अंजुमन अकबरिया उसमानपुर, अंजुमन असगरिया हजपुरा, अंजुमन इमामिया रसूलपुर और अंजुमन जाफरिया कजपुरा ने नौहाख्वानी प्रस्तुत की।
मौलाना अरमान अब्बास आब्दी, मौलाना फरमान अली और मौलाना इंतेजार मेंहदी अदनान ने विभिन्न स्थानों पर तकरीरें दीं। वक्ताओं ने अजा की अहमियत और कर्बला के संदेश को विस्तार से समझाया।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रधान आफताब हुसैन, साबिर हुसैन, दिलबर अब्बास, जियारत हुसैन, एजाज हुसैन, हसन मुस्तफा, मो. अकबर, आलम मेंहदी, कमर अब्बास सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।









