लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मंदिर की स्थिति को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता फावड़ा लेकर कैंपस पहुंचे और जय श्रीराम के नारे लगाते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई गई।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि मंदिर की स्थिति सुधारने की मांग को लेकर पहले विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने खुद मंदिर की सफाई और मरम्मत करने का निर्णय लिया।
शिवालय की सफाई कर की पूजा-अर्चना
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित शिवालय की सफाई की और पूजा-अर्चना की। उनका कहना था कि मंदिर आस्था का केंद्र है और इसकी देखभाल की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन को करनी चाहिए।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे समरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि परिसर में मौजूद कई मजारों की व्यवस्था बेहतर है, जबकि मंदिरों की स्थिति खराब है। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मजारों की देखभाल के लिए व्यवस्था की गई है, लेकिन मंदिरों की अनदेखी की जा रही है।
पहले दिया था ज्ञापन
समरेंद्र सिंह के मुताबिक, मंदिर की स्थिति सुधारने को लेकर पहले विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था। उनका आरोप है कि ज्ञापन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि अब VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता केवल ज्ञापन देने नहीं आए हैं, बल्कि मंदिर की सफाई और मरम्मत के लिए खुद आगे आए हैं। कार्यकर्ताओं ने मंदिर को व्यवस्थित करने की बात कही।
चीफ प्रॉक्टर से हुई नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर के बीच नोकझोंक भी हुई। स्थिति को देखते हुए परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति का पुतला फूंकने की बात भी कही है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा के दौरान बुर्का पहनकर आने वाली छात्राओं की पहचान जांच में सख्ती किए जाने की मांग उठाई।









