रिजिजू बोले- जेन-जी हमारे बच्चे, उनसे बातचीत जरूरी

किरेन रिजिजू ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया

नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि जेन-जी यानी युवा पीढ़ी देश के अपने बच्चे हैं और उनसे लगातार संवाद बनाए रखना जरूरी है। एएनआई को दिए इंटरव्यू में रिजिजू ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार का पक्ष रखा।

उन्होंने कहा कि युवाओं की बात सुनी जानी चाहिए और उनके साथ बातचीत का रास्ता खुला रहना चाहिए। रिजिजू ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि हजारों लोगों की मौजूदगी के बावजूद एक भी गोली नहीं चली और किसी प्रदर्शनकारी को गंभीर चोट नहीं आई।

दिल्ली पुलिस की तारीफ की

रिजिजू ने कहा कि ऐसी स्थिति में दिल्ली पुलिस की तारीफ की जानी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि अगर इसी तरह का आंदोलन उस दौर में हुआ होता तो हजारों लोगों की जान जा सकती थी।

CJP संस्थापक पर उठाए सवाल

केंद्रीय मंत्री ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर भी सवाल उठाए। रिजिजू ने दावा किया कि दीपके आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब कोई राजनीतिक दल से जुड़ा व्यक्ति है तो वह छात्र नेता कैसे बन गया।

राहुल गांधी को दी नसीहत

रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के व्यवहार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।

रिजिजू ने कहा कि सदन के अंदर राहुल गांधी जिस तरह का व्यवहार करते हैं, उससे क्या वह नेता प्रतिपक्ष जैसे दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल से उनका कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है और दोनों के बीच मुलाकात तथा बातचीत होती रहती है। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष को अपने पद की गरिमा के अनुरूप सदन में अपनी बात रखनी चाहिए।

बोले- कांग्रेस चर्चा से भागी

अमित शाह के बयान को लेकर विपक्ष की ओर से उठाई गई चर्चा की मांग पर रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में हर सवाल का जवाब देने और पूरे मामले की जानकारी देने के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस सच्चाई का सामना करने की स्थिति में नहीं थी।

रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चर्चा से बचने के लिए बहाने बना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगता है कि उसका काम केवल हंगामा करना, चिल्लाना और गाली देना है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर किसी सांसद को केवल हंगामा ही करना है तो फिर सांसद बनने की जरूरत क्या है। ऐसे लोग सड़क पर प्रदर्शन कर सकते हैं।

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