अम्बेडकरनगर। जिले में पशुपालकों को आकस्मिक पशुचिकित्सा सेवाएं और बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (एमवीयू) सेवा को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को शासन की नई व्यवस्था के अनुसार सेवा संचालन सुनिश्चित करने को कहा है।
आकस्मिक सेवाओं के लिए होगा वाहनों का पूर्ण उपयोग
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से संचालित मोबाइल वेटरिनरी यूनिट योजना का उद्देश्य पशुपालकों को उनके घर के पास त्वरित और गुणवत्तापूर्ण पशुचिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के तहत जिले में संचालित सभी मोबाइल वेटरिनरी यूनिट वाहनों का उपयोग पूरी तरह आकस्मिक पशुचिकित्सा सेवाओं के लिए किया जाएगा।
इससे बीमार और घायल पशुओं के उपचार में तेजी आएगी तथा पशुपालकों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकेगी।
गांवों में लगेंगे शिविर, मिलेंगी कई सेवाएं
निर्देशों के अनुसार प्रत्येक मोबाइल वेटरिनरी यूनिट प्रतिदिन निर्धारित ग्रामों में पहुंचेगी। वहां शिविर लगाकर पशु चिकित्सा, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, रोग नियंत्रण और विभागीय योजनाओं की जानकारी से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
इसके साथ ही टोल फ्री नंबर 1962 पर प्राप्त शिकायतों और कॉलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा।
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मिलेगी इमरजेंसी सेवा
मोबाइल वेटरिनरी यूनिट की इमरजेंसी सेवा प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इस अवधि में प्राप्त कॉलों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
शाम 5 बजे के बाद मिलने वाली शिकायतों का यथासंभव निस्तारण रात 8 बजे तक टेलीमेडिसन के माध्यम से किया जाएगा। शेष मामलों का समाधान अगले कार्य दिवस में प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।









