लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से जुड़े 7.5 लाख रुपये के कथित रिश्वत कांड की जांच में नया खुलासा सामने आया है। विजिलेंस और एलडीए से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कथित बिचौलिया श्रवण कुमार पहले से ही एनआरआई कारोबारी जितेंद्र नारायण को निशाना बना रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, बाराबंकी में कारोबारी के निर्माण कार्य के दौरान उनसे कथित रूप से वसूली की कोशिश की गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद लखनऊ के इंदिरानगर स्थित उनकी कमर्शियल प्रॉपर्टी को निशाना बनाया गया।
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि कारोबारी की व्यावसायिक परियोजना के खिलाफ IGRS पर शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई का दबाव बनाया गया। इसके बाद कथित तौर पर 15 लाख रुपये की मांग की गई, जो बाद में 7.5-7.5 लाख रुपये पर तय होने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि इंदिरानगर स्थित ‘नारायण सिटी’ परियोजना में करीब 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में 50 से अधिक दुकानों का निर्माण चार वर्ष पहले पूरा हो चुका था। इसके बावजूद इसी निर्माण को आधार बनाकर कथित रूप से वसूली की योजना बनाई गई।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। विजिलेंस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।









