अम्बेडकरनगर। गोवंशीय पशुओं को लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) से बचाने के लिए जिले में विशेष टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है। आठ सितंबर से चल रहे अभियान के लिए जिले में 1.20 लाख वैक्सीन उपलब्ध कराई गई हैं। विकासखंड स्तर पर पशु चिकित्सा अधिकारियों की निगरानी में पशुधन प्रसार अधिकारियों और पैरावेट की टीमें गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं।
लम्पी स्किन डिजीज विषाणुजनित बीमारी है। बरसात के मौसम में मक्खी, मच्छर और पिस्सू के जरिए इसके फैलने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, जिले में अभी तक लम्पी संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। पशुपालकों से सभी गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण कराने की अपील की गई है।
बुखार और शरीर पर गांठें दिखें तो करें तत्काल सूचना
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. अरविंद कुमार सिंह के अनुसार, लम्पी के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, मुंह से लार गिरना, शरीर पर गांठें, पैरों में सूजन और लंगड़ाहट शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखना चाहिए और तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। पशु चिकित्सा संबंधी सहायता के लिए 1962 पर भी फोन किया जा सकता है।
संक्रमित पशु को बाहर न भेजने की सलाह
पशुपालकों को पशुशाला में साफ-सफाई रखने और कीटाणुनाशक का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। शाम के समय नीम की पत्तियों का धुआं करने की भी सलाह दी गई है। संक्रमित पशु को चरने के लिए बाहर नहीं भेजने को कहा गया है।
शरीर पर बनी गांठ या घाव फूटने पर नीम की पत्तियों या पोटैशियम परमैंगनेट के घोल से सफाई करने और एंटीसेप्टिक मलहम लगाने की सलाह दी गई है। इससे घाव पर मक्खी-मच्छर बैठने का खतरा कम किया जा सकता है।









