
अंबेडकरनगर। जलालपुर तहसील क्षेत्र के कटघर मूसा गांव में बुधवार को पहली मोहर्रम के अवसर पर मजलिस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्वर्गीय गुलाम हैदर के आवास पर संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।
पेशख्वानी के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम
मजलिस से पहले अहमद रजा ने पेशख्वानी की। इसके बाद मौलाना शाहिद रजा जलालपुरी ने मजलिस को संबोधित किया। उन्होंने कर्बला की घटना और इमाम हुसैन के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कर्बला की कुर्बानी और इंसानियत का संदेश
मौलाना शाहिद रजा ने कहा कि 10 मोहर्रम 61 हिजरी को कर्बला में इमाम हुसैन ने अपने परिवार और साथियों के साथ महान कुर्बानी दी। उन्होंने अत्याचार और अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े रहने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने सत्य और न्याय के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। इसके लिए उन्होंने अपना वतन मदीना भी छोड़ दिया।
मानवता और इंसाफ का संदेश
मौलाना ने कहा कि कर्बला का संदेश हर दौर में इंसान को सच, इंसाफ और मानवता के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी आज भी समाज को सही दिशा दिखाती है।
नौहा और मातम पेश किया गया
कार्यक्रम के अंत में अंजुमन गुंचा-ए-हुसैनी के सदस्यों ने नौहा और मातम प्रस्तुत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और मजलिस का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।









