राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार रात न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में करीब 42 मिनट तक संबोधन दिया। उन्होंने अपने भाषण में भारत की एकता, विविधता और भारतीय संस्कृति की पारंपरिक सोच पर जोर दिया।
भारत में विविधता के बावजूद जन्मजात जुड़ाव
मोहन भागवत ने कहा कि एकता और विविधता भारत के DNA में है। देश में लोग अलग-अलग दिखाई देते हैं और उनके रहने-सहने के तरीके भी अलग हैं, लेकिन सभी के बीच एक जन्मजात जुड़ाव मौजूद है।
दुनिया को भारत ने कराया एकता का एहसास
RSS प्रमुख ने कहा कि विविधता में एकता भारत की पारंपरिक सोच रही है। भारत समय-समय पर पूरी दुनिया को इस विचार का एहसास कराता रहा है। उन्होंने भारतीय समाज की विविधताओं को उसकी ताकत के रूप में बताया।
सही सोच इंसान को भगवान के करीब ले जाती है
भागवत ने कहा कि सोचने की क्षमता इंसान के लिए एक वरदान है। सही सोच व्यक्ति को भगवान के करीब ले जाती है, जबकि गलत सोच उसे जानवरों के करीब ले जाती है। उन्होंने लोगों से अपनी सोच और दृष्टिकोण को सकारात्मक रखने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में 5 हजार से ज्यादा लोग शामिल
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में 5,000 से ज्यादा भारतीय मूल के अमेरिकी शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) ने किया था।
30 देशों के 180 धार्मिक नेता पहुंचे
कार्यक्रम में दुनिया के 30 देशों से करीब 180 धार्मिक नेता भी शामिल हुए। आयोजन में एकता, विविधता और वैश्विक स्तर पर आपसी संवाद जैसे विषयों पर चर्चा हुई।









