देश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जून के तीसरे सप्ताह तक भी मानसून देश के बड़े हिस्से को कवर नहीं कर पाया है। मौसम विभाग के सैटेलाइट INSAT-3DS से 17 जून को ली गई तस्वीरों में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के ऊपर मानसूनी बादलों की कमी दिखाई दी है। इन राज्यों का अधिकांश आसमान साफ नजर आ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार देश के 723 जिलों में से केवल 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की गई है। वहीं बड़ी संख्या में जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। इससे कई राज्यों में खेती-किसानी और जल उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की धीमी गति की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो-प्रेशर एरिया का विकसित न होना है। सामान्य परिस्थितियों में ऐसे सिस्टम मानसूनी हवाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मानसून ने 4 जून को केरल में दस्तक दी थी और इसके बाद 13 दिनों में 19 राज्यों तक पहुंच गया। हालांकि पिछले सात दिनों से मानसून तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में लगभग स्थिर बना हुआ है। इसके कारण छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।









