स्टॉकहोम। 2026 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा आज से शुरू हो रही है। सबसे पहले चिकित्सा यानी फिजियोलॉजी या मेडिसिन के क्षेत्र के विजेता या विजेताओं के नाम का ऐलान किया जाएगा। स्वीडन के स्टॉकहोम स्थित कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली इसकी घोषणा करेगी। मेडिसिन का नोबेल उन वैज्ञानिकों को दिया जाता है, जिनके काम ने मानव स्वास्थ्य, बीमारियों की समझ, इलाज या चिकित्सा विज्ञान की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।
GLP-1 रिसर्च पर सबसे ज्यादा नजर
इस साल मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार को लेकर GLP-1 से जुड़े शोध की सबसे ज्यादा चर्चा है। हालांकि नोबेल समिति पुरस्कार की घोषणा से पहले संभावित विजेताओं के नाम सार्वजनिक नहीं करती है।
GLP-1 एक हार्मोन है, जो शरीर में ब्लड शुगर और भूख को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है। इसी जैविक तंत्र पर आधारित दवाओं ने मोटापे और टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में बड़ा बदलाव किया है। सेमाग्लूटाइड जैसी GLP-1 आधारित दवाएं मोटापा और डायबिटीज के इलाज में व्यापक रूप से इस्तेमाल हो रही हैं।
ओजेम्पिक और वेगोवी इसी रिसर्च से जुड़ी दवाएं
GLP-1 रिसेप्टर को सक्रिय करने वाली दवाओं में ओजेम्पिक और वेगोवी जैसी दवाएं शामिल हैं। इन दवाओं ने वजन कम करने और ब्लड शुगर नियंत्रित करने के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा की हैं। 2026 में भी GLP-1 दवाओं को लेकर कई नए अध्ययन सामने आए हैं, जिनमें इनके असर, साइड इफेक्ट और अलग-अलग मरीजों में प्रतिक्रिया को समझने पर शोध जारी है।
कैंसर और जीन एडिटिंग पर भी नजर
GLP-1 के अलावा कैंसर के इलाज, जीन एडिटिंग, इम्यून सिस्टम और उम्र बढ़ने से जुड़ी बीमारियों पर महत्वपूर्ण शोध करने वाले वैज्ञानिकों के नाम भी संभावित दावेदारों की चर्चाओं में हैं।
हालांकि अंतिम फैसला नोबेल समितियों का होता है और आधिकारिक घोषणा से पहले किसी भी वैज्ञानिक या शोध को विजेता मानना सही नहीं होगा।
आज से शुरू होगी नोबेल पुरस्कारों की घोषणा
मेडिसिन के बाद अगले दिनों में भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य, शांति और आर्थिक विज्ञान के पुरस्कारों की घोषणा होगी। इस तरह दुनिया भर की नजर अब 2026 के नोबेल पुरस्कारों पर है।
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