अंबेडकरनगर। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब 2551 केंद्रों पर लगभग 1.79 लाख बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को खाद्य सामग्री नैफेड की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। शासन के निर्देश पर अप्रैल माह से यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
स्वयं सहायता समूहों की जगह नैफेड की जिम्मेदारी
पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ड्राई राशन और अन्य सामग्री वितरित की जाती थी। लेकिन देरी और अनियमितताओं की शिकायतों के बाद व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब नैफेड सीधे अनुपूरक पोषण आहार तैयार कर केंद्रों तक पहुंचाएगा।
रेडी-टू-ईट पोषण सामग्री का वितरण
नई व्यवस्था के तहत अब लाभार्थियों को आटा बेसन हलवा, आटा बेसन बर्फी (मीठा), दलिया मूंग सोया खिचड़ी (नमकीन) और ऊर्जा युक्त हलवा जैसी तैयार खाद्य सामग्री दी जाएगी। यह सभी उत्पाद अनुपूरक रेसिपी के रूप में केंद्रों पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
1.79 लाख लाभार्थियों का पूरा नेटवर्क
जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के अनुसार जिले के 2551 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुल 1,79,000 लाभार्थी पंजीकृत हैं। इनमें 8480 बच्चे छह माह तक के, 77,833 बच्चे छह माह से तीन वर्ष तक के, 82,762 बच्चे तीन से छह वर्ष तक के और 10,688 गर्भवती व धात्री महिलाएं शामिल हैं।
आपूर्ति शुरू, बारकोड से होगी ट्रैकिंग
नैफेड की ओर से जिले में आपूर्ति शुरू कर दी गई है। अब तक 300 से अधिक केंद्रों तक सामग्री पहुंच चुकी है। प्रत्येक पैकेट पर बारकोड लगाया जाएगा, जिससे वितरण की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।









