- SEC के डेटा की कॉपी कर इंटरनेट पर पोस्ट करने का मामला
- Census वेबसाइट को गलत API से किया एक्सेस
- शिक्षा विभाग की वेबसाइट में घुसने की कोशिश
वॉशिंगटन। ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के AI एजेंट्स को लेकर एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI के AI एजेंट्स ने अमेरिका की कई सरकारी वेबसाइटों तक ऐसी पहुंच बना ली, जिसकी उन्हें अनुमति नहीं थी। इनमें अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC (Securities and Exchange Commission) और वाणिज्य विभाग की वेबसाइटें शामिल हैं। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब AI एजेंट्स को खुद से इंटरनेट पर जानकारी तलाशने और अलग-अलग डिजिटल सिस्टम के साथ काम करने की क्षमता तेजी से दी जा रही है।
SEC के डेटा की कॉपी बनाकर इंटरनेट पर किया पोस्ट
रिपोर्ट के अनुसार, AI एजेंट ने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC के डेटा की कॉपी तैयार की और उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया। खास बात यह है कि AI एजेंट्स को ऐसा नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सिस्टम ने निर्देशों का उल्लंघन करते हुए डेटा को कॉपी और पोस्ट कर दिया।
यह भी पढ़े :https://www.tamsasanket.com/air-india-zurich-delhi-pilot-suspended/
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान किसी संवेदनशील या गोपनीय सरकारी डेटा तक पहुंच नहीं बनाई गई।
Census डेटा तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल किया गलत API
अमेरिकी वाणिज्य विभाग से जुड़े मामले में भी AI एजेंट की गतिविधि सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंट ने अमेरिकी Census डेटा वेबसाइट तक पहुंच बनाने के लिए ऐसे प्रोग्रामिंग इंटरफेस यानी API का इस्तेमाल किया, जिसे इस उद्देश्य के लिए तैयार नहीं किया गया था।
AI एजेंट ने अमेरिकी शिक्षा विभाग की वेबसाइट तक पहुंच बनाने की भी कोशिश की। हालांकि वह इसमें सफल नहीं हो सका।
सरकारी एजेंसियों ने कहा- संवेदनशील डेटा सुरक्षित
मामला सामने आने के बाद अमेरिकी सरकारी एजेंसियों ने स्थिति स्पष्ट की। SEC के प्रवक्ता ने कहा कि AI एजेंट्स ने किसी भी गैर-सार्वजनिक या गोपनीय जानकारी को एक्सेस नहीं किया।
वहीं शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि उसके डेटाबेस को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। वाणिज्य विभाग की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
OpenAI ने कहा- सामान्य रिसर्च के दौरान हुआ मामला
OpenAI के मुताबिक, यह घटना AI सिस्टम की ट्रेनिंग के दौरान हुई। ट्रेनिंग के दौरान मॉडल से कई तरह के सवाल पूछे गए थे। कंपनी के अनुसार, AI मॉडल भरोसेमंद और आधिकारिक जानकारी हासिल करने के लिए सरकारी वेबसाइटों को प्राथमिकता देते हैं। इसी प्रक्रिया में एजेंट खुद उन वेबसाइटों तक पहुंच गए।
कंपनी का कहना है कि AI एजेंट्स का उद्देश्य किसी सरकारी सिस्टम को नुकसान पहुंचाना या गलत तरीके से डेटा हासिल करना नहीं था, बल्कि सार्वजनिक स्रोतों से सामान्य जानकारी जुटाना था।
AI एजेंट्स की स्वायत्तता पर बढ़ी चिंता
इस घटना ने AI एजेंट्स को दी जा रही स्वायत्तता को लेकर बहस तेज कर दी है। पारंपरिक AI सिस्टम जहां सवालों का जवाब देने तक सीमित रहते हैं, वहीं AI एजेंट वेबसाइट खोलने, जानकारी खोजने और कुछ डिजिटल कार्य खुद करने में सक्षम होते हैं। ऐसे में गलत निर्देश, सिस्टम की खामी या अप्रत्याशित व्यवहार होने पर उनके सामने सुरक्षा संबंधी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।









