
अम्बेडकरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। योजना का लाभ लगातार प्राप्त करने के लिए किसानों को वर्ष में एक बार ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय पर ई-केवाईसी न कराने की स्थिति में आगामी किस्तों का भुगतान रोका जा सकता है। इसका उद्देश्य योजना में पारदर्शिता बढ़ाना और वास्तविक लाभार्थियों तक ही सहायता पहुंचाना है।
फर्जी लाभार्थियों पर रोक और डाटा अपडेट का लक्ष्य
उपकृषि निदेशक डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य डाटा को अद्यतन रखना और अपात्र या निष्क्रिय लाभार्थियों को योजना से अलग करना है। इससे केवल पात्र और जीवित किसानों को ही योजना का लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी के लिए किसानों को कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे प्रक्रिया सरल और सुलभ हो सके।
जनसेवा केंद्र और मोबाइल एप से कर सकेंगे प्रक्रिया
लाभार्थी किसान नजदीकी जनसेवा केंद्र पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके अलावा पीएम किसान मोबाइल एप के माध्यम से फेस ई-केवाईसी की सुविधा भी उपलब्ध है।
ग्राम नोडल अधिकारी (वीएनओ) और कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों की मदद से भी किसान यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
30 जून तक समय सीमा निर्धारित
जिला कृषि विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि सभी लाभार्थी किसान 30 जून तक अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी पूरी कर लें। समय पर प्रक्रिया पूरी न करने पर लाभार्थी को अपात्र श्रेणी में रखा जा सकता है और आगामी किस्त पर रोक लग सकती है।









