गुजरात। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में किसानों को संबोधित करते हुए आलू उत्पादन और खेती-किसानी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बनासकांठा का आलू दुनियाभर में मशहूर है। यहां आकर कोई यह नहीं कहता कि आलू से सोना बनाएंगे, क्योंकि यहां के किसान पहले से ही आलू से सोना बना रहे हैं।
पीएम मोदी का यह बयान राजनीतिक तंज के तौर पर भी देखा जा रहा है। उन्होंने किसानों की मेहनत और क्षेत्र की कृषि क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि बनासकांठा के लोगों ने खेती के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
सभा में कुर्सियों की जगह बिछाई गईं चारपाइयां
प्रधानमंत्री की सभा में किसानों के बैठने के लिए कुर्सियों के बजाय चारपाइयों की व्यवस्था की गई थी। इसे देखकर पीएम मोदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि देश के लोगों के लिए यह अजूबा होगा कि किसी बड़ी सभा में सभी लोग चारपाई पर बैठे हों। बनासकांठा के लोगों ने गांवों की इस पुरानी परंपरा को आज भी जिंदा रखा है।
पीएम ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड वालों को बुलाया गया होता तो यह आयोजन रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता।
किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता मिलने की जानकारी दी गई।
इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त में किसानों के खाते में 2,000 रुपये भेजे जाते हैं।









