अम्बेडकरनगर। सम्मनपुर थाना क्षेत्र के लेहड़ी गांव में मोहन कनौजिया की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सुभासपा के अनुसूचित जाति युवा मंच के जिला उपाध्यक्ष सचिन कुमार ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर मामले में कार्रवाई पर सवाल उठाए।
शिकायत में कहा गया है कि सात जून को हुए विवाद के बाद मोहन कनौजिया की मौत हुई थी। इसके बावजूद मामले में हत्या के आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज करने के बजाय गैर-इरादतन हत्या की धाराएं लगाई गईं। इसे लेकर पीड़ित पक्ष और सामाजिक संगठनों में असंतोष बना हुआ है।
हिरासत से रिहाई पर उठे सवाल
शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि मामले में हिरासत में लिए गए तीन आरोपियों को तीन दिन बाद शांतिभंग की कार्रवाई के तहत चालान कर छोड़ दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने इसे गंभीर मामला बताते हुए आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सड़क जाम से लेकर गांव में बवाल तक पहुंचा था मामला
सात जून को लेहड़ी गांव में तालाब में नहाने को लेकर शुरू हुआ विवाद मोहन कनौजिया की मौत के बाद बड़े घटनाक्रम में बदल गया था। घटना के विरोध में परिजनों ने सड़क जाम किया था। इसके अगले दिन आरोपियों के घरों पर तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई थी, जिसके बाद गांव में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी तैनात करनी पड़ी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बदला था जांच का रुख
घटना के बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया। हालांकि अब शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की दोबारा गंभीरता से समीक्षा कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई है।









