मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों का जिक्र करते हुए कहा है कि मोदी हर मुलाकात में युद्ध रोकने और शांति का रास्ता तलाशने की बात करते हैं। पुतिन ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के पास संघर्ष का आपसी सहमति से समाधान निकालने को लेकर अच्छे सुझाव हैं।
मोदी लगातार उठाते हैं युद्ध खत्म करने का मुद्दा
मॉस्को में आयोजित वाल्दाई डिस्कशन क्लब के कार्यक्रम में पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के अच्छे मित्र हैं, इसके बावजूद वह हर बैठक में यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने का मुद्दा उठाते हैं। पुतिन के मुताबिक, मोदी इस विषय में लगातार रुचि लेते हैं और शांति के लिए सुझाव देते हैं।
पुतिन ने मोदी के रुख को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके पास ऐसे विचार हैं, जिनसे दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान तलाशने में मदद मिल सकती है।
भारत की शांति और बातचीत पर जोर
भारत लंबे समय से रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए करने की बात कहता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने रूस और यूक्रेन दोनों के नेताओं के साथ अपनी बातचीत में युद्ध खत्म करने और संवाद के जरिए समाधान तलाशने की जरूरत पर जोर दिया है।
सितंबर में नई दिल्ली में BRICS से जुड़े कार्यक्रम के दौरान भी मोदी और पुतिन की मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन संघर्ष और उससे जुड़े घटनाक्रम पर चर्चा हुई थी।
पुतिन ने मोदी को युद्ध की स्थिति की जानकारी दी
BRICS बैठक से पहले हुई बातचीत में पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन युद्ध की स्थिति और शांति प्रयासों की जानकारी दी थी। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क के दौरान यूक्रेन संघर्ष लगातार चर्चा का विषय रहा है।
रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए अलग-अलग स्तरों पर बातचीत और कूटनीतिक प्रयास होते रहे हैं। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद अभी भी बने हुए हैं।
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रूस ने भारत की शांति पहल का किया स्वागत
पुतिन की टिप्पणी से कुछ समय पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भी कहा था कि रूस यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के लिए भारत की ओर से किसी भी शांति पहल का स्वागत करेगा। रूस की ओर से भारत और चीन के नेताओं द्वारा शांति प्रयासों में मदद की पेशकश का भी उल्लेख किया गया था।
पेस्कोव ने रूस और भारत के बीच बातचीत और कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान की साझा प्राथमिकता का भी जिक्र किया था।









