नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार दो दिन सड़क पर प्रदर्शन करते नजर आए। विपक्ष के मुताबिक, 48 घंटे के दौरान राहुल गांधी ने 14 घंटे से अधिक समय विरोध प्रदर्शन में बिताया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी सांसदों के साथ धरना दिया, बस से मार्च किया और पुलिस हिरासत का भी सामना किया।
आकाशवाणी परिसर में करीब आठ घंटे धरना
6 अक्टूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर मार्च के दौरान आकाशवाणी परिसर में करीब आठ घंटे धरना दिया। इस दौरान राहुल गांधी पेड़ के नीचे जमीन पर बैठकर खाना खाते भी नजर आए।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी को दो बार हिरासत में लिया। विपक्षी सांसदों का आरोप था कि उन्हें चुनाव आयोग के कार्यालय तक जाने से रोका गया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा SIR, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रहा।
जंतर-मंतर जाते समय फिर हिरासत
7 अक्टूबर को राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ लंच किया। इसके बाद सभी नेता बस से जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए। रास्ते में पुलिस ने बस रोक दी, जिसके बाद राहुल गांधी सड़क पर उतरकर खड़े हो गए।
पुलिस के हटने के अनुरोध के बावजूद जब वह वहां से नहीं हटे तो उन्हें पुलिसकर्मियों ने उठाकर हिरासत में ले लिया। करीब दो घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इस दौरान विपक्षी नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक गतिरोध की स्थिति बनी रही।
भारत जोड़ो यात्रा के बाद सबसे बड़ा सड़क प्रदर्शन
2023 में भारत जोड़ो यात्रा समाप्त होने के बाद राहुल गांधी का यह सड़क पर सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक रहा। हालांकि, इसके बाद भी वह अलग-अलग मुद्दों को लेकर छोटे प्रदर्शनों में शामिल होते रहे हैं।
विपक्षी दलों के अनुसार, 2026 में राहुल गांधी की सड़क पर राजनीतिक सक्रियता पिछले कुछ वर्षों की तुलना में बढ़ी है। 2024 में उन्होंने एक बड़े प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जबकि 2025 में विपक्ष के साथ मार्च किया था।
चार महीने में चार बड़े विरोध प्रदर्शनों में शामिल
इस साल राहुल गांधी नीट पेपर मामले में छात्रों के साथ हुए व्यवहार और SIR समेत विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के प्रदर्शनों में शामिल हुए हैं। विपक्षी गतिविधियों के अनुसार, पिछले चार महीनों में वह चार बड़े विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा ले चुके हैं या उनका नेतृत्व किया है।
हालिया प्रदर्शन में भी राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च पर निकले थे।









