
नई दिल्ली। मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट ने ‘गटर जनरेशन’ और ‘गटरछाप’ वाले बयान पर सफाई दी है। जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को लेकर उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया गया। इसके बाद विपक्षी दलों ने भी कंगना को निशाने पर लेते हुए युवाओं और महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया।
पूरे देश के युवाओं को नहीं कहा
कंगना ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने देश के सभी युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल एक खास वर्ग को लेकर था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में करीब 10 हजार लोग मौजूद थे, जबकि देश में युवाओं की संख्या करीब 30 से 35 करोड़ है।
Gen Z को लेकर उठाया सवाल
भाजपा सांसद ने कहा कि जंतर-मंतर पर हर उम्र के लोग मौजूद थे। ऐसे में उस प्रदर्शन को पूरे देश के Gen Z से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस आधार पर इसे पूरे देश के Gen Z का प्रदर्शन बताया जा रहा है।
आलोचकों को दी चुनौती
कंगना ने अपने बयान का बचाव करते हुए कांग्रेस और आलोचकों को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि उनका ऐसा कोई ‘स्पेसिफिक कोट’ दिखाया जाए, जिसमें उन्होंने पूरी पीढ़ी को ‘गटरछाप’ कहा हो।
पहले भी विवादों में रही हैं कंगना
कंगना रनोट इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रही हैं। किसान आंदोलन, जावेद अख्तर से कानूनी विवाद और महिंदर कौर मामले में वह खेद या सफाई दे चुकी हैं। भाजपा भी स्पष्ट कर चुकी है कि कंगना पार्टी की नीतिगत बातों पर बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
महिलाओं पर टिप्पणी से भी विवाद
इस बार जंतर-मंतर आंदोलन को लेकर कंगना की टिप्पणी में युवाओं के साथ महिलाओं का भी जिक्र आया। इसके बाद विपक्षी दलों ने उन्हें घेरते हुए युवाओं और महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया।









