
अम्बेडकरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को निराश्रित गो आश्रय स्थलों की जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने की। इसमें जिले में संचालित गौशालाओं की व्यवस्थाओं, निर्माणाधीन गो संरक्षण केंद्रों और गोवंश संरक्षण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 35 स्थाई और अस्थाई गो आश्रय स्थल संचालित हैं। इन गौशालाओं में कुल 3536 गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि रामकोला, रामनगर और राजेसुल्तानपुर में निर्माणाधीन गो संरक्षण केंद्रों का काम चल रहा है। इन परियोजनाओं को 30 मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
मुख्यमंत्री सहभागिता योजना से जुड़े 786 पशुपालक
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत अब तक 786 पशुपालकों को 1131 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक पशुपालकों को योजना से जोड़ने और गोवंश सुपुर्दगी की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण करने वाले नोडल अधिकारियों की रिपोर्ट की भी समीक्षा की। निरीक्षण में सामने आई कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।
गर्मी से बचाव और चिकित्सा व्यवस्था पर जोर
जिलाधिकारी ने गौशालाओं में गर्मी से बचाव के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा। उन्होंने शेड के किनारों पर जूट के बोरे और टाट-पट्टी लगाने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए।
साथ ही पशु चिकित्सा अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर बीमार और कमजोर गोवंशों का इलाज सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। गौशालाओं में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और मृत गोवंशों का नियमानुसार निस्तारण कराने के भी निर्देश दिए गए।









