बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत में आयोजित BRICS समिट में शामिल नहीं होने के फैसले की आलोचना की है। PTI को दिए इंटरव्यू में हसीना ने कहा कि इस फैसले से बांग्लादेश ने आर्थिक और सामाजिक विकास के नए अवसरों के साथ भारत से संबंध सुधारने का मौका भी गंवा दिया।
हसीना के मुताबिक, BRICS जैसे मंच पर भागीदारी से व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं बढ़ सकती थीं। उन्होंने तारिक रहमान के फैसले को बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों के अनुकूल नहीं बताया।
बोलीं- मेरी मौजूदगी से भारत आने में बाधा क्यों?
शेख हसीना ने कहा कि यदि भारत में उनकी मौजूदगी तारिक रहमान के समिट में शामिल नहीं होने की वजह थी, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दो देशों के संबंध किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक मतभेद के आधार पर तय नहीं होने चाहिए।
हसीना ने अपने पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह भारत में रह रही थीं, तब तारिक रहमान के पिता और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान 1979 में दिल्ली आए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि उनकी भारत में मौजूदगी के कारण तारिक रहमान को यहां आने से क्यों रुकना चाहिए था।
12-13 सितंबर को दिल्ली में हुई थी समिट
भारत में 12 और 13 सितंबर को BRICS समिट आयोजित हुई थी। भारत ने तारिक रहमान को BIMSTEC के अध्यक्ष के रूप में समिट के आउटरीच सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। हालांकि, बांग्लादेश सरकार ने कहा था कि निमंत्रण बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के बजाय BIMSTEC अध्यक्ष की हैसियत से दिया गया था। ढाका ने यह भी कहा था कि वह भारत के साथ अलग से द्विपक्षीय यात्रा और बातचीत को प्राथमिकता देना चाहता है।
भारत के साथ संतुलित रिश्तों की वकालत
हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों पर आधारित होनी चाहिए। उनके अनुसार, भारत के साथ अच्छे संबंध रखने का मतलब चीन या दूसरे देशों से दूरी बनाना नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि बांग्लादेश को भारत, चीन, जापान, अमेरिका और अन्य साझेदारों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने चाहिए।









