अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। सूत्रों के अनुसार, 150 पन्नों की इस रिपोर्ट में मामले में एफआईआर दर्ज करने, राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन करने और किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंदिर का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। साथ ही SIT ने विस्तृत जांच के लिए सरकार से अतिरिक्त समय भी मांगा है।
यह रिपोर्ट गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी गई। जांच टीम ने बताया कि रिपोर्ट में अब तक 150 लोगों से हुई पूछताछ और उससे जुड़े तथ्यों को शामिल किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, SIT ने पिछले पांच वर्षों के मंदिर चढ़ावे का विशेष ऑडिट कराने की भी सिफारिश की है। इसके अलावा चढ़ावे में अनियमितता रोकने और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेंगे।
इस मामले में अब तक पांच आरोपियों- लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर करीब दो करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। वहीं, चंपत राय के करीबी बताए जा रहे टिन्नू के घर से सोना भी बरामद हुआ है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, चढ़ावे की चोरी का आंकड़ा 200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।









