
अम्बेडकरनगर। जमीनी विवाद में हुए हमले के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) रामविलास सिंह की अदालत ने छह आरोपितों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला हंसवर थाना क्षेत्र के मुहम्मदपुर मुसलमान गांव का है। अभियोजन के अनुसार 10 जून 2014 को जमीनी विवाद को लेकर रामबसंत पाल के घर के सामने विवाद हुआ था। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने गाली-गलौज के बाद उन पर हमला कर दिया। हमले में रामबसंत गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
बचाने पहुंचे लोगों पर भी किया गया हमला
घटना के दौरान शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। अभियोजन पक्ष के अनुसार इस दौरान आरोपितों ने लाठी-डंडों और ईंटों से हमला किया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद आरोपित वहां से चले गए।
घटना के संबंध में प्रेमचंद्र पाल की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को साबित करने का प्रयास किया।
अदालत ने छह को ठहराया दोषी
सत्र परीक्षण के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुभाष चंद्र वर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने चंद्रेश यादव, गिरिजेश यादव, राजमन यादव, रामशकल यादव, रामसुरेश और रामचरन को दोषी करार दिया।
अदालत ने सभी छह दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास और 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं मामले में आरोपित विमला देवी और प्रभावती को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण दोषमुक्त कर दिया गया।









