
- बेतवा नदी पर बन रहे पुल का स्लैब देर रात गिरा
- हादसे में 6 मजदूरों की मौत, 3 को मलबे से निकाला गया
- आंधी-बारिश को हादसे की वजह बताया जा रहा
Hamirpur में बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब शुक्रवार देर रात अचानक गिर गया। हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही SDRF और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) ने मलबे में फंसे 3 मजदूरों को बाहर निकाला। करीब साढ़े 7 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अभियान पूरा किया गया।
आंधी-बारिश के दौरान हुआ हादसा
उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने बताया कि देर रात तेज आंधी और बारिश के दौरान स्लैब गिरा। उस समय कुछ मजदूर पुल के नीचे सो रहे थे, जो मलबे में दब गए।
मौसम विभाग के अनुसार हमीरपुर में रात के समय 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली थी।
ललपुरा इलाके में हुआ हादसा
हादसा शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर ललपुरा क्षेत्र में हुआ। मृतकों में 4 मजदूर बांदा और 2 हमीरपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
SDRF अधिकारियों ने बताया कि रात ढाई बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था। फिलहाल अभियान पूरा हो चुका है, लेकिन एहतियात के तौर पर मलबा हटाने का काम जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और मजदूर नीचे दबा न हो।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताई हादसे की कहानी
प्रत्यक्षदर्शी सुरेश कुमार ने बताया कि पुल पर दो शिफ्ट में काम होता था। जिस समय आंधी आई, उस दौरान पहली शिफ्ट के मजदूर पुल के नीचे थे, जबकि दूसरी शिफ्ट के 7 मजदूर पुल पर काम कर रहे थे।
सुरेश के मुताबिक, “तेज आंधी से बचने के लिए हम लोग पुल पर ही लेट गए थे। तभी अचानक स्लैब गिर गया और हादसा हो गया।”
दिसंबर 2026 तक पूरा होना है पुल
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की ओर से इस पुल का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 90 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस दो लेन पुल की लंबाई 700 मीटर है।
मोराकांड से कुरारा गांव के बीच बन रहे इस पुल का निर्माण मार्च 2024 में शुरू हुआ था और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है।









