
अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर में अति कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशन में आकांक्षी विकास खंड भीटी, भियांव और टांडा में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन किया गया। चिन्हित बच्चों को जनपद स्तरीय अधिकारियों से गोद दिलाकर उनके पोषण और स्वास्थ्य की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार को जिले के विभिन्न गांवों में कार्यक्रम आयोजित कर अति कुपोषित परिवारों को दुधारू गाय उपलब्ध कराई गई। इसका उद्देश्य परिवारों तक पोषणयुक्त दूध की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा। इसके साथ ही सभी अति कुपोषित (सैम) बच्चों को पोषण किट भी वितरित की गई।
गांवों में पहुंचकर अधिकारियों ने किया वितरण
जनपद के कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, आंगनबाड़ी मुख्य सेविका, कार्यकत्री, आशा और एएनएम की मौजूदगी में पोषण किट का वितरण किया गया। कार्यक्रम में गांव के अन्य लोग भी मौजूद रहे।
मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), जिला पंचायतराज अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, उपायुक्त स्वतः रोजगार, जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों ने अलग-अलग गांवों में पहुंचकर बच्चों और उनके परिवारों को पोषण सामग्री उपलब्ध कराई।
कुपोषण के कारण और बचाव पर दी गई जानकारी
अधिकारियों ने ग्रामीणों को कुपोषण के कारण, उसके दुष्प्रभाव और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि बच्चों को समय पर संतुलित आहार, दूध, हरी सब्जियां और पौष्टिक भोजन देना जरूरी है। साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान परिवारों को बच्चों के खानपान और साफ-सफाई को लेकर भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि कुपोषण को कम करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।









