
- CJP मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान
- तत्काल सुनवाई से SC ने किया इनकार
- “इसे इतनी भावुकता से मत लें” : सुप्रीम कोर्ट
- CJP फाउंडर के घर पुलिस तैनात
नई दिल्ली। सुप्रीम Court ने सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े लोगों की गतिविधियों की CBI जांच कराने की मांग पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई गंभीर आपात मामला नहीं है, जिस पर तुरंत हस्तक्षेप किया जाए।
कॉकरोच जनता पार्टी हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई है। यह प्लेटफॉर्म भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद चर्चा में आया था। सोमवार दोपहर तक CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 2.29 करोड़ फॉलोअर्स हो चुके थे।
“इसे इतनी भावुकता से मत लें”
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील एनके गोस्वामी ने कहा कि CJP न्यायपालिका की छवि धूमिल कर रही है। इस पर चीफ जस्टिस और जस्टिस जॉयमाल्या बागची व जस्टिस वीएम पंचोली की बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा— “इसे इतनी भावुकता से मत लें।”
कोर्ट ने फिलहाल मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।
याचिका में क्या मांग की गई?
यह याचिका एडवोकेट राजा चौधरी ने दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि:
- CJP से जुड़े लोगों की CBI जांच कराई जाए।
- फर्जी वकीलों और फर्जी लॉ डिग्री की जांच हो।
- सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों के कमर्शियल इस्तेमाल पर कार्रवाई की जाए।
महाराष्ट्र में CJP फाउंडर के घर पुलिस तैनात
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में CJP फाउंडर अभिजीत दीपके के घर के बाहर पुलिस तैनात की गई है। पुलिस उपायुक्त पंकज अतुलकर ने कहा कि सोशल मीडिया पर बढ़ती चर्चा को देखते हुए एहतियातन यह कदम उठाया गया है, ताकि भीड़ न जुटे।
हालांकि पुलिस ने किसी आधिकारिक धमकी की पुष्टि नहीं की है।
CJP की वेबसाइट अब भी बंद
अभिजीत दीपके ने रविवार को दावा किया था कि उनकी वेबसाइट बंद कर दी गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वेबसाइट पर 10 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था और 6 लाख लोगों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाली याचिका पर हस्ताक्षर किए थे।
फिलहाल वेबसाइट खोलने पर “This Site Can’t Be Reached” का संदेश दिखाई दे रहा है।









