नई दिल्ली। टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एक बड़े साइबर अटैक का शिकार हुई है। दावा किया जा रहा है कि हैकर्स ने कंपनी की 2 लाख से अधिक गोपनीय फाइलों को डार्क वेब पर लीक कर दिया है। लीक हुए डेटा में कंपनी के प्रमुख क्लाइंट्स एपल और टेस्ला से जुड़े कंपोनेंट डिजाइन, स्पेसिफिकेशन पेपर्स और अन्य संवेदनशील दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने स्पष्ट किया है कि इस साइबर घटना का कंपनी के बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी कार्य सामान्य रूप से जारी हैं। कंपनी ने कहा है कि वह मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपल की ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी टीम भी इस डेटा ब्रीच की जांच में जुट गई है। टीम इस बात का विश्लेषण कर रही है कि डेटा लीक की घटना कैसे हुई और इसके पीछे की मुख्य वजह क्या है।
वहीं, एपल ने भी कहा है कि फिलहाल इस डेटा लीक से उसके बिजनेस ऑपरेशन्स या ग्राहकों पर किसी तरह का तत्काल खतरा नहीं है। हालांकि, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इस घटना को सप्लाई चेन सिक्योरिटी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मान रहे हैं।









