
पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर मतदान से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राजनीति में बड़ा मोड़ आ गया है। पार्टी उम्मीदवार जहांगीर खान ने मंगलवार को चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया। उनके इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी
जहांगीर खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि वह फालता क्षेत्र में शांति और विकास चाहते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तारीफ करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए विशेष पैकेज दिया जा रहा है, इसलिए उन्होंने चुनावी मैदान से हटने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि फालता की जनता के हित को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
भाजपा ने साधा निशाना
जहांगीर खान के फैसले पर भाजपा ने तंज कसा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि TMC उम्मीदवार के पास कोई मजबूत समर्थन नहीं बचा था और उन्हें पोलिंग एजेंट तक नहीं मिल रहे थे, इसलिए उन्होंने चुनाव से हटना बेहतर समझा।
भाजपा ने इसे TMC की कमजोरी और जनता के बदलते रुख का संकेत बताया है।
फालता सीट पर दोबारा मतदान
फालता विधानसभा सीट पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। इस दौरान कई बूथों पर ईवीएम गड़बड़ी और हिंसा की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद चुनाव आयोग ने 21 मई को पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया।
इस सीट का परिणाम 24 मई को घोषित किया जाएगा।









