- TMC के नाम और चुनाव चिह्न विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
- SC ने चुनाव आयोग से अंतिम फैसले की समयसीमा पूछी
- ममता बनर्जी ने EC के अंतरिम आदेश को चुनौती दी है
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयोग से पूछा कि मामले का अंतिम निपटारा कब तक किया जाएगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ममता बनर्जी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें चुनाव आयोग के TMC के मूल नाम और ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न को अंतरिम रूप से फ्रीज करने के फैसले को चुनौती दी गई है।
6 अक्टूबर के उपचुनाव से पहले विवाद
मामला पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट की पीठ में चीफ जस्टिस सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल हैं। सुनवाई के दौरान पीठ ने चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील डीएस नायडू से पूछा कि आयोग विवाद पर अंतिम फैसला लेने के लिए कितने समय में प्रक्रिया पूरी कर सकता है। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।
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सिब्बल बोले- चुनाव प्रक्रिया के बीच लिया गया फैसला
ममता बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद आयोग ने नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में ममता बनर्जी के सामने आयोग के आदेश को चुनौती देने के अलावा कोई प्रभावी रास्ता नहीं बचा है। सिब्बल ने यह भी कहा कि चुनाव पर रोक लगाने की मांग करना संभव नहीं है।
इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। पीठ ने संकेत दिया कि चुनाव आयोग को मामले की सुनवाई शुरू करने के लिए निर्देशित किया जा सकता है।









