
अम्बेडकरनगर। बोगस फर्म बनाकर करीब 1 करोड़ 37 लाख 32 हजार 775 रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में जालंधर के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
मामला राज्य कर विभाग की जांच के दौरान सामने आया था। प्रयागराज की फर्म एके इंटरप्राइजेज का मुख्य व्यापार स्थल अंबेडकरनगर में दिखाया गया था। जांच में फर्म से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन में अनियमितताएं पाई गईं।
जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा
जीएसटी पोर्टल की जांच में पाया गया कि प्रयागराज के भारती भवन रोड स्थित फर्म के मालिक अजय कुमार ने बिना वास्तविक खरीद के पंजीयन प्राप्त किया था। पंजीयन के लिए लगाया गया बिजली बिल भी कूटरचित पाया गया।
इसके बाद विभाग ने फर्म का पंजीयन निरस्त कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि बिना वास्तविक व्यापार के आईटीसी का लाभ लेकर राजस्व को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
कई फर्मों की मिलीभगत सामने आई
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि सिंह इंटरप्राइजेज और शमा इंटरप्राइजेज ने आरएम ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर रोहित बठाला और श्रीराधे कृष्ण एंड कंपनी के प्रोपराइटर ईशान के साथ मिलकर लेनदेन किया।
इन सभी के बीच 240 इनवॉइस के माध्यम से फर्जी तरीके से लगभग 1.37 करोड़ रुपये का आईटीसी लाभ लिया गया। यह पूरा नेटवर्क बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के टैक्स क्रेडिट ट्रांसफर करने में शामिल पाया गया।









