लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रयागराज की कई कॉलोनियों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। सड़कों पर खड़ी कारें और बाइकें पानी में डूब गई हैं, जबकि कई मकानों के ग्राउंड फ्लोर में भी पानी घुस गया है। हालात के चलते लोग पहली मंजिल पर रहने को मजबूर हैं।
नावों से रेस्क्यू कर रही पुलिस-NDRF
प्रयागराज में जलभराव वाले इलाकों में पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रही हैं। लगातार बारिश और बढ़ते पानी के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
ओडिशा में स्कूल बना बाढ़ में फंसा आश्रय
ओडिशा के केंद्रापाड़ा जिले में 312 छात्र और 10 शिक्षक पिछले दो दिनों से स्कूल में फंसे हुए हैं। कुलसाही गांव स्थित सरकारी एससी/एसटी आवासीय आश्रम स्कूल का ग्राउंड फ्लोर ब्राह्मणी नदी के बढ़े पानी में डूब गया है।
स्कूल चारों तरफ से करीब 10 फीट पानी से घिरा हुआ बताया जा रहा है। पानी का बहाव तेज होने के कारण अब तक रेस्क्यू टीम वहां नहीं पहुंच सकी है।
हिमाचल में 187 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून के दौरान अब तक 187 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। 30 जून से 16 अगस्त के बीच 79 लोगों की जान बाढ़, भूस्खलन, डूबने और करंट जैसी प्राकृतिक आपदाओं में गई।
वहीं, 107 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। राज्य में 294 लोग घायल हैं, जबकि 31 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
कई राज्यों में बारिश बनी आफत
उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक लगातार बारिश ने प्रशासन के सामने राहत और बचाव की चुनौती बढ़ा दी है। जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन वाले इलाकों में स्थानीय प्रशासन के साथ बचाव दल लगातार राहत कार्यों में जुटे हैं।









