
पुणे। पुणे की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने विप्रो टेक्नोलॉजीज पर धार्मिक उत्पीड़न, कार्यस्थल पर भेदभाव और जबरन इस्तीफा दिलाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह आरोप हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सार्वजनिक किए गए।
महिला ने बताया कि वह कंपनी के हिंजवडी स्थित कार्यालय में कार्यरत थी। उसके अनुसार, अगस्त 2025 में आयोजित एक टीम मीटिंग के दौरान उस पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया। महिला का आरोप है कि उसे अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया और परिस्थितियां ऐसी बना दी गईं कि उसे नौकरी छोड़नी पड़ी।
पूर्व कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी एक महिला सहकर्मी लगातार उस पर इस्लाम अपनाने और एक मुस्लिम पुरुष के साथ संबंध बनाने का दबाव डालती थी। महिला के मुताबिक, सहकर्मी उसकी निजी जिंदगी में हस्तक्षेप करती थी और दावा करती थी कि धर्म परिवर्तन करने पर उसकी जिंदगी बेहतर हो जाएगी तथा विदेश में अवसर मिलेंगे।
पीड़िता का कहना है कि उसने लगभग 10 महीने तक इस कथित उत्पीड़न को सहा। उसने कई बार कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा कंपनी की ओम्बड्स कमेटी में उसके खिलाफ ही शिकायत दर्ज कर दी गई।
महिला के वकील ने बताया कि इस मामले में हिंजवडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। साथ ही कंपनी को कानूनी नोटिस भेजते हुए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की गई है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।









