लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन पर तंज कसा। उन्होंने गांवों में बीमारी के कारणों का जिक्र करते हुए स्वच्छता और हर घर नल योजना की बात कही। इसी दौरान उन्होंने ‘टोटी चोरी’ का जिक्र कर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जुड़े पुराने राजनीतिक विवाद की ओर इशारा किया। योगी ने कहा कि अगर कोई टोटी चोरी करके ले जाता है तो कम से कम प्लंबर उसकी मरम्मत कर सकता है, वरना टोटी चोरी होती रहेगी और पानी बहता रहेगा।
‘टोटी चोरी’ के बहाने अखिलेश पर निशाना
योगी ने कहा कि गांवों में बीमारी के दो प्रमुख कारण गंदगी और साफ पानी की कमी हैं। स्वच्छ भारत मिशन के जरिए गंदगी कम करने और हर घर नल योजना के जरिए पेयजल उपलब्ध कराने की बात कही। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि गांव में प्लंबर उपलब्ध रहेगा तो पाइप या टोटी खराब होने पर उसे ठीक किया जा सकेगा।
सीएम की इस टिप्पणी को अखिलेश यादव से जुड़े उस पुराने ‘टोटी चोरी’ विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है, जो 2017 में सपा सरकार के बाद उनके मुख्यमंत्री आवास खाली करने के समय सामने आया था।
नौकरी के मुद्दे पर भी पलटवार
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र बांटने को लेकर अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए आरोपों का भी जवाब दिया। योगी ने कहा कि अगर सपा अध्यक्ष कह रहे हैं कि नियुक्ति पत्र नहीं बांटे जा रहे हैं तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हर सप्ताह नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे और अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है।
योगी ने कहा कि सामने वाला गिनता रहे और सरकार नियुक्ति पत्र देती रहे। इससे पहले भी मुख्यमंत्री सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर लगातार कार्यक्रम आयोजित करने की बात कह चुके हैं।
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अखिलेश दे चुके हैं आरोपों का जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पहले भी मुख्यमंत्री आवास से टोटी ले जाने के आरोपों का जवाब दे चुके हैं। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उन पर टोटी ले जाने का आरोप लगाया गया और उनके जाने के बाद मुख्यमंत्री आवास को गंगाजल से धुलवाया गया। अखिलेश ने इस मामले को राजनीतिक आरोप के तौर पर खारिज करते हुए कहा था कि वह इस घटना को नहीं भूल सकते।









