
अंबेडकरनगर में जमीन के नाम पर हुए एक सौदे ने धीरे-धीरे ऐसा मोड़ लिया, जिसने पुलिस जांच को एक जटिल लेन-देन के जाल में उलझा दिया। मामला शहजादपुर क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक जमीन सौदा पहले सामान्य बैनामे की तरह शुरू हुआ, लेकिन आगे चलकर वही मामला धोखाधड़ी के बड़े नेटवर्क में बदल गया।
शुरुआती सौदे में औरंगनगर पहितीपुर की भूमि का बैनामा हुआ था। इसके बाद जब खरीदार ने निर्माण शुरू करने की कोशिश की तो बगल के खातेदार ने काम रुकवा दिया। यहीं से कहानी में पहला मोड़ आया।
62 लाख की दूसरी डील, और ‘10 दिन का भरोसा’
विवाद के बाद जमीन विक्रेताओं से बातचीत फिर शुरू हुई। आरोप है कि इसी दौरान दूसरी जमीन दिखाकर नया सौदा 62 लाख रुपये में तय किया गया।
इस बार भरोसा दिलाने के लिए नए नाम सामने आए—रामप्रकाश तिवारी और आदर्श पांडेय। दावा किया गया कि 10 दिन के भीतर बैनामा पूरा कर दिया जाएगा। इसी भरोसे पर खरीदार पक्ष ने अजय कुमार और अशोक कुमार के खातों में 31-31 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
लेकिन पैसे ट्रांसफर होते ही कहानी का रुख बदल गया।
टालमटोल के बाद जमीन ‘तीसरे हाथ’ में जाने का आरोप
पैसे मिलने के बाद लगातार टालमटोल शुरू हो गई। दिन बीतते गए, लेकिन न बैनामा पूरा हुआ और न जमीन का कब्जा मिला।
पीड़ित पक्ष को बाद में जानकारी मिली कि जिस जमीन पर सौदा हुआ था, उसे किसी तीसरे व्यक्ति को भी बेच दिया गया है। इसके बाद मामला सीधे पुलिस तक पहुंचा।









