सिरोही। राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव में एक गरीब परिवार को आर्थिक तंगी के चलते मृत्युभोज में घी के मालपुए नहीं बनवाना भारी पड़ गया। परिवार ने परंपरा के बजाय सादा भोजन कराया, जिससे समाज के कुछ पंच नाराज हो गए और परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान सुना दिया। इतना ही नहीं, इस परिवार का समर्थन करने वाले 42 अन्य परिवारों को भी बहिष्कार के दायरे में शामिल कर दिया गया।
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि पंचायत के आदेश के बाद उन्हें गांव की दुकानों से राशन नहीं दिया जा रहा है और सार्वजनिक कुएं से पानी भरने पर भी रोक लगा दी गई है। इसके अलावा उनके घरों में मेहमानों के आने-जाने और रिश्तेदारों के यहां आने-जाने पर भी सामाजिक प्रतिबंध लगा दिया गया है।
पंचों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई परिवार इस फरमान की अनदेखी करता है तो उसे 11 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। साथ ही पूरे समाज को सामूहिक भोज (जीमण) कराने की सजा भी भुगतनी पड़ेगी।
यह मामला सिरोही जिले के बरलूट थाना क्षेत्र के मंडवारिया गांव का है। सामाजिक बहिष्कार से परेशान सभी पीड़ित परिवारों ने अब जिला कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।









