नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला भी तेज हो गया है। जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़, भूस्खलन और आकाशीय बिजली की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई स्थानों पर लोगों की मौत हुई है, जबकि सैकड़ों गांवों का संपर्क टूट गया और राहत-बचाव अभियान जारी है।
डोडा में दो बार बादल फटा, सड़कें मलबे से बंद
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार सुबह दो अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने की घटना सामने आई। भलेसा के कलालगीसर क्षेत्र में बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ से पहाड़ियों का भारी मलबा सड़कों पर आ गया, जिससे कई मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात कर स्थिति पर नजर रखी है।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही
अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अंजॉ जिले के सारती गांव में भूस्खलन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इससे पहले कीयी पन्योर क्षेत्र में बाढ़ के तेज बहाव में तीन लोग बह गए थे। अधिकारियों के अनुसार, अब तक दो लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, बाढ़ और भूस्खलन से 28 जिलों के 90 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। कई गांवों का संपर्क टूट गया है और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।
मध्य प्रदेश में बिजली गिरने से तीन की मौत
मध्य प्रदेश में भी खराब मौसम लोगों पर भारी पड़ा। हरदा और खरगोन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं बैतूल जिले में बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार सदस्य झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसके अलावा चंपा नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से बाइक समेत दो युवक तेज बहाव में बह गए। प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों की मदद से उनकी तलाश की जा रही है।









